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धार्मिक भावनाएं आहत और शिवलिंग की पूजा-अर्चना करने का मामला पहुंचा कोर्ट 

  • प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  • मई 19, 2022  10:00

gyanvapi

Live Blog

Sep 12, 2022

14:33

ज्ञानवापी केस पर हिंदू पक्ष के हक में फैसला

ज्ञानवापी केस में आद सुनवाई हुई। हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि अदालत ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि मुकदमा विचारणीय है। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।

Jul 21, 2022

17:17

ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामला: हिन्दू पक्ष की भी दलीलें हुई पूरी, अगली सुनवाई 25 जुलाई को

ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में वाराणसी की जिला अदालत में हिन्दू पक्ष की दलीलें बृहस्पतिवार को पूरी हो गयीं। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तारीख नियत की है। हिन्दू पक्ष के अधिवक्ता शिवम गौड़ ने बताया कि वादी राखी सिंह की तरफ से दलीलें पूरी हो गयी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार, जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नरेट की तरफ से सरकारी अधिवक्ता महेन्द्रनाथ पांडेय ने भी दलीलें रख दी हैं। उन्होंने बताया कि अब अगली सुनवाई की तारीख पर मुस्लिम पक्ष अपना प्रतिवाद रखेगा। इस मामले में अब दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें रख चुके हैं।

Jul 21, 2022

15:44

मस्जिद पक्ष की अपील पर SC ने कहा- वाराणसी कोर्ट के आदेश का इंतजार कीजिए

सुप्रीम कोर्ट में वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन करने वाली अंजुमन इंटेजेमिया मस्जिद कमेटी द्वारा दायर याचिका में अदालत की तरफ से नियुक्त आयोग की मस्जिद का निरीक्षण और सर्वेक्षण वाली रिपोर्ट को चुनौती दी गई है। उच्चतम न्यायालय ने ‘कोर्ट कमिश्नर’ नियुक्त करने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ ज्ञानवापी मस्जिद समिति की अर्जी पर सुनवाई अक्टूबर महीने के पहले हफ्ते तक टाली। कोर्ट की तरफ से कहा गया कि वो वाद की स्थिरता पर वाराणसी जिला अदालत के फैसले का इंतजार करेगा।

Jul 20, 2022

16:28

ज्ञानवापी में मिले ढांचे की न्यायिक जांच कराने की मांग वाली याचिका खारिज

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने मंगलवार को एक जनहित याचिका खारिज कर दी जिसमें वाराणसी के ज्ञानवापी में हाल ही में मिले ढांचे की जांच उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से कराने का अनुरोध किया गया था। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने सुधीर सिंह और अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया। पीठ ने 10 जून को पहले ही क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र के अभाव में जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए अनिच्छा व्यक्त की थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याची का मामला बनारस का है और वह लखनऊ पीठ के क्षेत्राधिकार में नहीं आता है।

Jul 04, 2022

15:52

ज्ञानवापी केस: पूरी हुई मुस्लिम पक्ष की दलील, अब 12 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

ज्ञानवापी मामले को लेकर आज एक बार फिर से स्थानीय अदालत में सुनवाई हुई। आज की सुनवाई में मुस्लिम पक्ष की ओर से अपनी दलीलें पेश की गई हैं। खबर के मुताबिक मुस्लिम पक्ष ने आज अपने दलीलों को रखा है। इस मामले को लेकर अब अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद आज एक बार फिर से इस मामले की सुनवाई हुई है। मुस्लिम पक्ष के वकील अभय नाथ यादव ने पूरे 51 बिंदुओं पर अपनी दलील रखी है। आज की सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में सिर्फ 40 लोगों को ही जाने की अनुमति दी गई थी। आज की सुनवाई को देखते हुए सुरक्षा के भी कड़े बंदोबस्त किए गए थे।

Jul 04, 2022

10:02

वाराणसी की जिला अदालत में ज्ञानवापी मामले की फिर से सुनवाई, मुस्लिम पक्ष रखेगा दलीलें

वाराणसी जिला अदालत ज्ञानवापी मस्जिद परिसर विवाद की आज यानि सोमवार को एक बार फिर से सुनवाई करेगी। बता दें कि पांच महिलाओं ने श्रृंगार गौरी और अन्य देवताओं की पूजा करने की अनुमति की मांग की है। कोर्ट अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद की दलीलों पर सुनवाई फिर से शुरू करेगी। इससे पहले 30 मई को जिला जज एके विश्वेश ने मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई को तय की थी। मुस्लिम पक्ष ने याचिका की स्थिरता के खिलाफ तर्क दिया है।

Jun 11, 2022

16:13

नुपुर के समर्थन में प्रज्ञा, कहा- देवी-देवताओं का अपमान होगा तो ‘सच’ बताया जाएगा

भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी को लेकर देश के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों के बीच पार्टी की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने नुपुर का समर्थन करते हुए कहा कि अगर कोई हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करता है, तो ऐसे लोगों को ‘सच’ बताया जाएगा। भोपाल की सांसद ठाकुर की टिप्पणी के बाद मध्य प्रदेश में विपक्षी दल कांग्रेस ने भाजपा से स्पष्टीकरण मांगा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नुपुर को विवादित टिप्पणी के कारण पार्टी से निलंबित कर चुकी है। ठाकुर ने शुक्रवार को भोपाल में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह सत्य है कि वहां (ज्ञानवापी में) भगवान शिव का मंदिर था, है और रहेगा। 

Jun 10, 2022

21:32

ज्ञानवापी में मिले ढांचे की सच्चाई का पता लगाने की मांग वाली याचिका पर विचार से इंकार

इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद में हाल ही में मिले ढांचे की सच्चाई का पता लगाने के लिए उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति के गठन का अनुरोध करने वाली एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर विचार करने से इंकार कर दिया है। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की अवकाशकालीन पीठ ने सुधीर सिंह आदि की याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश किया। अदालत ने विस्तृत आदेश बाद में जारी करने को कहा है। याचिका का उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से विरोध करते हुए मुख्य स्थायी अधिवक्ता (प्रभारी)अभिनव नारायण त्रिवेदी ने कहा कि याचिका क्षेत्राधिकार के अभाव में पोषणीय नहीं है क्योंकि वाराणसी क्षेत्र लखनऊ खंडपीठ के बजाय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। 

Jun 08, 2022

15:59

ज्ञानवापी मामला:सच्चाई पता लगाने के लिए समिति गठित करने की मांग को लेकर याचिका दायर

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में मंगलवार को एक जनहित याचिका दायर कर वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद में हाल में मिली एक विवादित ‘संरचना’ की सच्चाई का पता लगाने के वास्ते एक समिति गठित करने के लिए निर्देश देने का आग्रह किया गया है। जनहित याचिका पर नौ जून को न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष सुनवाई होने की संभावना है। यह जनहित याचिका छह लोगों सुधीर सिंह, रवि मिश्रा, महंत बालक दास, शिवेंद्र प्रताप सिंह, मार्कंडेय तिवारी, राजीव राय और अतुल कुमार ने दायर की है।

Jun 08, 2022

13:01

ज्ञानवापी परिसर के सर्वे का आदेश देने वाले जज को मिली धमकी, जांच के आदेश

ज्ञानवापी परिसर के वीडियोग्राफी का आदेश देने वाले दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिविजन) रवि कुमार दिवाकर को मंगलवार को एक धमकी भरा पत्र मिला है। वाराणसी के पुलिस आयुक्त ने बताया कि न्यायाधीश की सुरक्षा में नौ पुलिसकर्मी लगाए गए हैं और इस मामले की जांच की जा रही है। वाराणसी के दीवानी न्यायाधीश दिवाकर ने इस संबंध में अपर मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक और पुलिस आयुक्त वाराणसी को पत्र लिखकर धमकी मिलने की जानकारी दी है।अधिकारियों को भेजे गये पत्र में दिवाकर ने लिखा है कि उन्हें यह पत्र ‘इस्लामिक आगाज़ मूवमेंट’ की ओर से काशिफ अहमद सिद्दीकी द्वारा भेजा गया है।

Jun 08, 2022

13:00

स्वामी अविमुक्तरेश्वरानंद सरस्वती ने अनशन समाप्त किया

 ज्ञानवापी परिसर में मिले कथित शिवलिंग की पूजा अर्चना करने के लिए अन्न जल त्याग कर अनशन पर बैठे स्वामी अविमुक्तरेश्वरानंद सरस्वती ने अपने गुरु जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के कहने पर करीब 108 घंटे बाद अपना अनशन बुधवार को समाप्त कर दिया। स्वामी अविमुक्तरेश्वरानंद ने बताया कि उनको अपने गुरु जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का पत्र प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि वह स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के आदेश पर अपना अनशन समाप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जगतगुरु के आदेश के अनुसार हम देश भर के साधु संतों को जुटाएंगे और अदिविश्वेश्वर ज्योतिर्लिंग का मंदिर बनवाने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएंगे।

Jun 07, 2022

22:09

ज्ञानवापी मामले की सुनवाई कर रहे जज रवि दिवाकर को धमकी

वाराणसी में ज्ञानवापी मामले की सुनवाई कर चुके सिविल जज रवि दिवाकर को एक बार फिर से धमकी भरी चिट्ठी भेजी गई है। इस चिट्ठी के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक यह धमकी भरी चिट्ठी इस्लामिक आजाद मूवमेंट नामक संस्था की ओर से दी गई है। खबर यह है कि न्यायाधीश रवि दिवाकर ने इस मामले को लेकर प्रमुख गृह सचिव को पूरी जानकारी दे दी है। इसके बाद उनकी सुरक्षा में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। आपको बता दें कि न्यायाधीश रवि दिवाकर सिविल सीनियर डिवीजन वाराणसी कोर्ट में फिलहाल तैनात हैं। ज्ञानवापी मस्जिद मामले में यही सुनवाई कर रहे हैं और इन्हीं के आदेश के बाद ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में सर्वे और वीडियोग्राफी का काम किया गया था।

Jun 07, 2022

08:56

विहिप ने की ईशनिंदा कानून लाने की मांग, ट्विटर पर कतर एअरवेज के बहिष्कार का समर्थन किया

 भारतीय जनता पार्टी के दो पदाधिकारियों द्वारा पैगंबर मोहम्मद के विरुद्ध कथित तौर पर बयान देने पर उपजे विवाद के बीच, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सोमवार को कहा कि भारत में ईशनिंदा के विरुद्ध एक “कड़ा कानून” होना चाहिए। विहिप ने कतर एअरवेज का बहिष्कार करने का आह्वान करते हुए चलाए जा रहे ‘ट्विटर ट्रेंड’ का भी समर्थन किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध संगठन ने उक्त विवाद पर कतर सरकार के रुख पर सवाल उठाया और कहा कि वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में हाल में “मिले” शिवलिंग को जब कुछ लोगों ने फव्वारा बताया तो इससे हिंदू मान्यताओं का अपमान हुआ। विहिप के बयान से एक दिन पहले सऊदी अरब, कतर, ईरान और कुवैत ने पैगंबर के विरुद्ध दिए गए बयान पर अपनी निंदा प्रकट की थी और “मान्यताओं तथा धर्मों का सम्मान” करने का आह्वान किया था। संगठन के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कतर सरकार के रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया, “हिंदू विरोधी और राष्ट्र विरोधी एम. एफ. हुसैन के लिए प्रेम और नूपुर शर्मा की निंदा… वाह कतर सरकार… ! कतर एअरवेज का बहिष्कार करें।” विहिप के एक अन्य प्रवक्ता विजय शंकर ने ट्वीट किया, “भारत में, ईशनिंदा कानून की अब बहुत जरूरत है।” उन्होंने कहा, “काशी में शिवलिंग को फव्वारा बताकर हिंदू मान्यताओं का अपमान किया गया, अब यह देखना है कि उनके साथ क्या कार्रवाई की जाएगी।” 

Jun 07, 2022

08:56

विपक्ष की नूपुर, जिंदल की गिरफ्तारी की मांग, विवादित बयान की कई और देशों ने की निंदा

नूपुर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए दबाव बढ़ाते हुए विपक्षी दलों ने सोमवार को मांग की कि पैगंबर मोहम्मद पर उनकी विवादास्पद टिप्पणी के लिए उन्हें गिरफ्तार किया जाए और भाजपा पर देश की छवि खराब करने का आरोप लगाया। सत्तारूढ़ दल को जहां घरेलू स्तर पर अधिक आलोचना का सामना करना पड़ा, वहीं इसका राजनयिक असर भी होता दिख रहा है और विवादास्पद टिप्पणी को लेकर सऊदी अरब, बहरीन, इंडोनेशिया, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात व अफगानिस्तान भी कई अन्य मुस्लिम देशों के साथ एक सुर में आलोचना करते दिखे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मामले को सुलझाने की कोशिश के तहत सोमवार को अपनी प्रवक्ता नूपुर शर्मा को निलंबित कर दिया था और दिल्ली के मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल को निष्कासित कर दिया था, लेकिन कांग्रेस, आप, बसपा, सपा और वामपंथी दलों जैसे विपक्षी दलों ने इसे केवल “नाटक” और “दिखावा” करार देते हुए खारिज कर दिया और और दोनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। शर्मा जहां अपनी टिप्पणी को लेकर विभिन्न शहरों में प्राथमिकी का सामना कर रही हैं, वहीं दिल्ली पुलिस ने अब उनकी शिकायत पर एक प्राथमिकी दर्ज की है जिसमें उन्होंने जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाया है। 

Jun 06, 2022

22:58

विहिप ने की ईशनिंदा कानून लाने की मांग

भारतीय जनता पार्टी के दो पदाधिकारियों द्वारा पैगंबर मोहम्मद के विरुद्ध कथित तौर पर बयान देने पर उपजे विवाद के बीच, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सोमवार को कहा कि भारत में ईशनिंदा के विरुद्ध एक “कड़ा कानून” होना चाहिए। विहिप ने कतर एअरवेज का बहिष्कार करने का आह्वान करते हुए चलाए जा रहे ‘ट्विटर ट्रेंड’ का भी समर्थन किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध संगठन ने उक्त विवाद पर कतर सरकार के रुख पर सवाल उठाया और कहा कि वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में हाल में “मिले” शिवलिंग को जब कुछ लोगों ने फव्वारा बताया तो इससे हिंदू मान्यताओं का अपमान हुआ। विहिप के बयान से एक दिन पहले सऊदी अरब, कतर, ईरान और कुवैत ने पैगंबर के विरुद्ध दिए गए बयान पर अपनी निंदा प्रकट की थी और “मान्यताओं तथा धर्मों का सम्मान” करने का आह्वान किया था। 

Jun 06, 2022

11:56

भाजपा ज्ञानवापी मस्जिद में ‘शिवलिंग’ खोजने में व्यस्त हैं: शिवसेना सांसद संजय राउत

वहीं, भाजपा ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘सम्राट पृथ्वीराज’ जैसी फिल्मों के प्रचार में व्यस्त में है।” उन्होंने कोई विवरण दिए बिना दावा किया कि कश्मीर में श्रीनगर से पुलवामा तक कम से कम 20 मुस्लिम सुरक्षाकर्मियों की हत्या की जा चुकी है। राउत ने कहा, “भाजपा नेता इस बारे में कुछ नहीं बोल रहे हैं। वे ताजमहल (आगरा) और ज्ञानवापी मस्जिद (वाराणसी) में ‘शिवलिंग’ खोजने में व्यस्त हैं।” उन्होंने कश्मीर में हालात ‘अच्छे न होने’ के बीच केंद्र की सत्ता में आठ साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए भी भाजपा पर निशाना साधा।

Jun 04, 2022

10:21

हिंदू संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, हमें ज्ञानवापी में शिवलिंग पर पूजा करने की अनुमति दी जाए

Jun 03, 2022

17:44

ज्ञानवापी पर अदालत का फैसला सर्वमान्य होना चाहिए: भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को कहा कि ज्ञानवापी विवाद में आस्था के कुछ मुद्दे शामिल हैं और इस पर अदालत का फैसला सर्वमान्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर मस्जिद में शिवलिंग तलाशने और रोजाना एक नया विवाद खड़ा करने की जरूरत नहीं है। नागपुर में संगठन के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि आरएसएस पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि अयोध्या आंदोलन में संगठन की भागीदारी एक अपवाद थी और संघ भविष्य में ऐसे आंदोलन में शामिल नहीं होगा। संघ प्रमुख ने कहा, अब ज्ञानवापी मस्जिद (वाराणसी) का मामला चल रहा है। इतिहास को हम बदल नहीं सकते। वो इतिहास हमारे द्वारा नहीं बनाया गया और ना ही आज के हिंदुओं और मुसलमानों द्वारा बनाया गया। यह उस समय हुआ, जब इस्लाम आक्रांताओं के साथ भारत आया।